True story of mahatma gandhi

true story of mahatma gandhi- hi दोस्तो आपलोग Mahatma gandhi जी को  जरूर जानते होगे, But Mahatma gandhi जी का Real Story शायद ही किसी-किसी को पता है, आज मै gandhi जी के एक Real life के small story आपलोगो को बता रहा हुं, एक बार कि बात है Gandhi जी को एक शहर से दूसरेेे शहर मे जल्द पहुंचना था.! उन्होंने Train(रेलगाड़ी) से जाने का निर्णय कर लिए और Railway station आ गए, कुुछ देर बाद Train स्टेशन पर आ गई मगर Train मे बहुत भीर थी, Gandhi जी को जल्द पहुंचना था इसलिए बिना Time गवाए  Train पर चढ गए मगर भीड़ होने के वजह से Gandhi जी Train केे दरवाजा के पास हि खड़े हो गए..! Station से Train खुल चुकी थी और अपनी रफ्तार(Speed) मे चलेे जा रही थी अचानक 
         



Gandhi जी का संतुलन बिगर गया और उनका एक पैर का चप्पल(लकड़़ी से बना) निकलकर Train से नीचे गिर गया Gandhi जी ने अपना दूूसरा पैर का चप्पल भी तुरंत फेेेक दिए..! यह सबकुछ बगल मे खड़े एक व्यक्ति देख लिया था उसनेे Gandhi जी से पुछा- महाशय आपका एक पैर का चप्पल गलती से निकलकर Train से नीचे गिर गया But आपने जानबूझकर दूूसरी पैर का चप्पल भी तुरंत Train से नीचेे क्यो फेंक दिए..! Gandhi जी ने सरल शब्दो मे उस व्यक्ति से बोले- मेरा एक चप्पल गीर ही गया था इसलिए मैने तुरंत दूसरी चप्पल Train से फेंक दिया क्योंकि मै एक चप्पल Use  नही कर सकता था, अब दोनो चप्पल आसपास ही मौजूद होगी किसी गरीब को आसानी से मिल जाएगी, अगर दूूसरी चप्पल तुरंत नही फेंकता देर (Late) कर देेता तो किसी गरीब को एक ही चप्पल मिलती तो ना वो Use कर पाता और ना ही हम Use कर पाते, अब जो भी गरीब को दोनो चप्पल मिलेगी वो आराम से कुुछ दिनो तक Use करेगा यही तो हमारा तमन्ना है भारतीय(Indian) गरीब हमेेेंशा खुश रहे..! 



Hi dosto कैसी लगी Gandhi जी कि सोच  (Thinking)? क्या आज के Time मे इतनी उच्चतम सोच किसी poor के लिए कोई सोच सकता है?  Comments box मे Comment अवश्य करे..!
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